

KANTH (MORADABAD)। मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय रामपुर की 38 इमारतों पर प्रस्तावित ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को लेकर कांठ क्षेत्र के युवाओं और विद्यार्थियों ने चिंता जताई है। उन्होंने उपजिलाधिकारी कांठ स्निग्धा चतुर्वेदी के माध्यम से उत्तर प्रदेश की राज्यपाल को एक ज्ञापन भेजकर कार्रवाई के आदेश पर रोक लगाने तथा पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

कांठ में बृहस्पतिवार को नारेबाजी करते हुए जुलूस की शक्ल में तहसील पहुंचे युवाओं और विद्यार्थियों ने उपजिलाधिकारी के नाम नायब तहसीलदार योगेशचंद्र शर्मा को दिए ज्ञापन में कहा गया है कि मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय शिक्षा के क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण संस्थान है, जहां हजारों छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। विश्वविद्यालय की 38 इमारतों के संबंध में रामपुर विकास प्राधिकरण द्वारा कार्रवाई के आदेश से विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। उनका कहना है कि यदि भवनों के मानचित्र अथवा अन्य स्वीकृतियों से संबंधित कोई कानूनी या प्रशासनिक कमी है, तो उसका समाधान विधि के अनुसार किया जाना चाहिए। साथ ही मांग की कि किसी भी कार्रवाई से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो और संबंधित पक्ष को भी अपनी बात रखने का मौका दिया जाए।

युवाओं और विद्यार्थियों ने ज्ञापन के माध्यम से राज्यपाल से मांग की गई है कि विश्वविद्यालय की 38 इमारतों पर प्रस्तावित ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के आदेश पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं तथा पूरे मामले की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच कराई जाए। इस अवसर पर समाजवादी पार्टी छात्र सभा के कांठ नगर अध्यक्ष सहल दिलशाद, अरसलान बुमराह, जीशान सिद्दीकी, मोनू मिकरानी, शादमान शराफत, नासिर सलमानी, अफजल नौशाद, सहन अंसारी, जैद इरशाद, अयान सैफी, उस्मान अंसारी, सुहैब इदरीसी, जोहेब पठान, अदीब, मुदस्सिर, फराज खान, अल्तमश नाबी, जैद अंसारी, अदनान, ईशान, दानिश, अब्दुल कादिर, आमिर, शाहवेज, जीशान, अरसलान आदि युवा और विद्यार्थी रहे।
Repo: Pankaj Kumar, Kanth✍️





